भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अनकहे इतिहास के कुछ पहलू - भाग 8
मंगल पांडे की सच्ची कहानी, 1857 की पहली लड़ाई की पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी – कथामंजिरी 4|

मंगल पांडे की सच्ची कहानी, 1857 की पहली लड़ाई की पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी – कथामंजिरी 4|

विठ्ठल मंदिर के गुप्त ध्वनिरोधक कक्ष में मल्हारराव स्वतंत्रता संग्राम का सच्चा इतिहास बताते हैं और अंग्रेज़ों द्वारा फैलाए गए भ्रम को उजागर करते हैं।

हेल्डेन का संदेह, मंदिर में तलाशी, महिलाओं की आड़ में छिपी गुप्त संरचना और मल्हारराव की शांत चाल – कथामंजिरी ४ में रोमांचक मोड़।

मंदिर के आंगन में हुए रक्तपात के बाद, शुद्धीकरण का बहाना बनाकर मल्हारराव गुप्त गतिविधियों की व्यवस्था करते हैं। गाड़ीवान की कहानी के पीछे छिपा सच रात को तहखाने में सामने आता है—देशभक्तों को सताने वाले गद्दारों को सज़ा दी गई थी।

भक्ति के गजर की आड़ में देशभक्ति का धधकता कार्य – मंदिर, कीर्तन और स्वतंत्रता संग्राम का रहस्यमय संगम कथामंजिरी ४ में।

मंदिर की आड़ में चल रही इस गुप्त व्यवस्था में मल्हारराव, फकीरबाबा और जानकीबाई गद्दारी के खतरे को उजागर करते हैं। देशभर में बढ़ती इस फितूरी को सबक सिखाने का संकल्प यहीं लिया जाता है।