ब्रिटिश शासन की पृष्ठभूमि में किसान मल्हारराव और उनके पुत्र रामचंद्र के जीवन के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन की गुप्त, रोमांचक और भावनात्मक कथा।