भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अनकहे इतिहास के कुछ पहलू - भाग 13
झाँसी के युद्ध का निर्णायक मोड़, झलकारीबाई का अद्वितीय बलिदान, रानी लक्ष्मीबाई की रक्षा हेतु अपनाई गई रणनिति और ब्रिटिशों के विरुद्ध साहस की अमर गाथा।

झाँसी के युद्ध का निर्णायक मोड़, झलकारीबाई का अद्वितीय बलिदान, रानी लक्ष्मीबाई की रक्षा हेतु अपनाई गई रणनिति और ब्रिटिशों के विरुद्ध साहस की अमर गाथा।

रानी लक्ष्मीबाई का अदम्य साहस, गुरिल्ला युद्धनीति से ब्रिटिशों को दिया गया प्रतिकार, देशभर से मिला गुप्त समर्थन और ‘मेरी झाँसी नहीं दूँगी’ की घोषणा से प्रज्वलित स्वतंत्रता संग्राम।

रानी लक्ष्मीबाई की गुप्त तैयारी, ब्रिटिशों के विरुद्ध उनकी रणनीति और झांसी की रक्षा के लिए लड़ी गई शौर्यपूर्ण युद्ध की प्रेरणादायी कथा।

रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी में ब्रिटिश अत्याचार के बीच झलकारीबाई के साथ ‘दुर्गादल’ का गठन किया।

मंगल पांडे के बाद भड़का विद्रोह, धनसिंह गुर्जर का नेतृत्व, मेरठ से दिल्ली तक फैली क्रांति और ब्रिटिश सत्ता को झकझोर देने वाला स्वतंत्रता संग्राम।

मंगल पांडे की सच्ची कहानी, 1857 की पहली लड़ाई की पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी – कथामंजिरी 4|