भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अनकहे इतिहास के कुछ पहलू - भाग 27
रैंड और आयर्स्ट की हत्या के बाद ब्रिटिश अत्याचारों के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ा और चाफेकर बंधुओं के बलिदान ने क्रांति को नई दिशा दी।

रैंड और आयर्स्ट की हत्या के बाद ब्रिटिश अत्याचारों के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ा और चाफेकर बंधुओं के बलिदान ने क्रांति को नई दिशा दी।

रँड व आयर्स्ट यांच्या हत्येनंतर ब्रिटिश अत्याचारांविरुद्ध जनतेचा संताप उफाळून आला आणि चाफेकर बंधूंच्या बलिदानाने क्रांतीची ज्वाला प्रज्वलित झाली.

‘केसरी’ और ‘मराठा’ के माध्यम से तिलक ने ब्रिटिश अत्याचारों का विरोध कर देशभर में जागृति फैलाई।

टिळकांच्या ‘केसरी’ व ‘मराठा’मधून ब्रिटिश अत्याचारांवर प्रहार होत असताना त्यांच्या विचारांनी देशभर क्रांतिकारी चेतना जागृत झाली.

Through Kesari and Maratha, Tilak exposed British oppression and ignited revolutionary awareness across India.

बाल गंगाधर तिलक ने अंधविश्वास का विरोध करते हुए साहस और स्पष्ट विचार दिखाए तथा आगे शिक्षा लेकर राष्ट्रसेवा का मार्ग अपनाने का संकल्प किया।