यूट्यूब चॅनलवरील "श्रीरामरक्षा" प्रवचनांसंदर्भात सूचना
रविवार, दि. १२ अप्रैल २०२६ को एक हफ़्ते का अवकाश लेकर, अगले रविवार से, यानी दि. १९ अप्रैल २०२६ से पुनः श्रीरामरक्षा पर आधारित प्रवचनों की शृंखला शुरू होगी।

रविवार, दि. १२ अप्रैल २०२६ को एक हफ़्ते का अवकाश लेकर, अगले रविवार से, यानी दि. १९ अप्रैल २०२६ से पुनः श्रीरामरक्षा पर आधारित प्रवचनों की शृंखला शुरू होगी।

सद्गुरु अनिरुद्ध बापू - रामरक्षा के इस प्रवचन में बताते हैं की भक्ति एवं बुद्धि का संबंध क्या है? और मुख एवं जीभ का भक्तिमार्ग में महत्त्व क्या है?

सद्गुरु अनिरुद्ध बापू - ‘मुख’ की रक्षा ये ‘सौमित्रिवत्सल’ राम करते हैं, यानी क्या? यह रक्षा हमारे लिए किस तरह महत्त्वपूर्ण है और यह रक्षा अधिक से अधिक मात्रा में होने के लिए हमें कौनसा भ्यास करना चाहिए वह सद्गुरु बापू यहाँ समझाकर बताते हैं |

A heartfelt experience of a mother who, amidst pregnancy complications and other child’s illness, witnessed the grace of Sadguru Aniruddha Bapu. A touching story of faith, surrender, and miraculous blessings.

सद्गुरु अनिरुद्ध बापूजी रहस्य को उजागर करते हैं कि प्रभु श्रीराम जब मानवी अवतार लेकर आते हैं, तब स्वयं भी नवविधा भक्ति का पालन कैसे करते हैं, और उसकी शुरुआत वे श्रवणभक्ति से कैसे करते हैं।

सुन्दरकाण्ड, अनुष्टुप छंद, वाल्मिकी ऋषी, हनुमंताची भक्ती आणि भक्तीने रामाशी एकरूप होण्याचा मार्ग – अनिरुद्ध बापूंच्या रामरक्षा प्रवचन ३ मधून सविस्तर जाणून घ्या.