Sadguru Aniruddha Bapu

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रामरक्षा प्रवचन २१ - लक्ष्मणमाता सुमित्रा - श्रेयस तथा प्रेयस को चुनने की शक्तिदात्री | Aniruddha Bapu

रामरक्षा प्रवचन २१ - लक्ष्मणमाता सुमित्रा - श्रेयस तथा प्रेयस को चुनने की शक्तिदात्री | Aniruddha Bapu

सद्गुरु अनिरुद्ध बापू हमें जीवन में सबकुछ ‘श्रेयस’ (आध्यात्मिक अच्छी बातें) और ‘प्रेयस’ (व्यावहारिक अच्छी बातें) प्राप्त होने में सुमित्राजी की भूमिका किस प्रकार अहम है, यह स्पष्ट करते हैं।

रामरक्षा प्रवचन २० - जीवन का वास्तविक यज्ञ कौनसा है? और क्या अध्यात्म वाक़ई कठिन है? । Aniruddha Bapu

रामरक्षा प्रवचन २० - जीवन का वास्तविक यज्ञ कौनसा है? और क्या अध्यात्म वाक़ई कठिन है? । Aniruddha Bapu

सद्गुरु अनिरुद्ध बापू - ‘अध्यात्म यह ज़रा भी कठिन नहीं है, हम बस्स् ग़लत संकल्पनाओं को मन में पकड़कर उस आसान अध्यात्म को ख़्वामख़्वाह कठिन बनाकर रखते हैं’ इसका एहसास हमें करा देते हैं।

पतींना अर्धांगवायूचा (Paralysis) झटका आला आणि आयुष्य निराशेच्या गर्तेत जात होते, पण...

पतींना अर्धांगवायूचा (Paralysis) झटका आला आणि आयुष्य निराशेच्या गर्तेत जात होते, पण...

पतीच्या अर्धांगवायूनंतर सगळ्या आशा हरवलेल्या श्रद्धावान महिलेने अनुभवलेली बापूंची कृपा – अशक्य ते शक्य करणारा खरा आनुभव

रामरक्षा प्रवचन-१५ | अध्यात्म में ‘१ से ९९’ से भी ‘९९ से १००’ के बीच अधिक दूरी

रामरक्षा प्रवचन-१५ | अध्यात्म में ‘१ से ९९’ से भी ‘९९ से १००’ के बीच अधिक दूरी

अध्यात्म में ‘१ से ९९ के बीच जितना फ़ासला है, उससे बहुत ज़्यादा फ़ासला ९९ से १०० के बीच है’ इस महत्त्वपूर्ण सत्य का एहसास करा देते समय सद्गुरु अनिरुद्धजी - विश्वामित्र ऋषि, दुर्वास मुनि और शतानिक मुनि (अश्वत्थामा)  इन बहुत ही उच्चपद को प्राप्त हुए ऋषियों के उदाहरण देते हैं।

Don't mistreat those who are good to you - Sadguru Aniruddha Bapu explains!..

Don't mistreat those who are good to you - Sadguru Aniruddha Bapu explains!..

In his discourse dated 25-12-2003, Sadguru Aniruddha Bapu talks about the second Dwividha Marga

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