श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धाम येथे सुरू होणार्‍या आरती सेवेबाबत सूचना

श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धाम येथे सुरू होणार्‍या आरती सेवेबाबत सूचना

सर्व श्रद्धावानांना कळविण्यास आनंद होत आहे की श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धाम येथे रविवार, दि. ११ ऑक्टोबर २०२६, म्हणजेच आश्विन महिन्यातील अशुभनाशिनी नवरात्रीच्या घटस्थापनेपासून श्री परांबा परमेश्वरीची "आरती सेवा" सुरू करण्यात येणार आहे. श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धामाच्या गर्भगृहात दररोज माध्याह्न पूजनानंतर तसेच सायंपूजनानंतर अशी दोन वेळा आरती केली जाते. प्रत्येक दिवशी ह्यापैकी कोणत्याही एका आरतीच्या वेळी एका श्रद्धावानास किंवा एका श्रद्धावान दांपत्यास ह्या पवित्र सेवेचा लाभ घेता येईल. ज्यांना एकाच दिवशीच्या दोन्ही आरती सेवांमध्ये सहभागी व्हावयाचे असेल, ते श्रद्धावान दोन्ही आरती सेवांचे वेगवेगळे बुकिंगही करू शकतात. ह्या आरती सेवेसाठी ऑनलाईन बुकिंगची सोय उपलब्ध असून, श्रद्धावान कोणत्याही ठिकाणाहून सहजपणे नोंदणी करून या सेवेचा लाभ घेऊ शकतात.

चैत्र नवरात्रीचे अर्थात शुभंकरा नवरात्रीचे १५ दिवस, आश्विन नवरात्रीचे अर्थात अशुभनाशिनी नवरात्रीचे १० दिवस व त्रिपुरारी पौर्णिमेचा दिवस हे दिवस सोडून वर्षभरातील इतर दिवसांसाठी ह्या सेवेचे देणगी मूल्य रु. ११,०००/- (वैयक्तिक किंवा दांपत्यासाठी) असेल, तर वर दिलेल्या विशेष दिवशी ह्या सेवेचे देणगी मूल्य रु. २१,०००/- (वैयक्तिक किंवा दांपत्यासाठी) असेल. ही आरती सेवा गर्भगृहात जाऊन करण्याची संधी मिळेल व त्यासाठी पुरुषांनी सोवळे, उपरणे व सफेद शर्ट परिधान करणे आवश्यक आहे, तर स्त्रियांनी साडी, उपरणे आणि तुळशीमाळ (श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धामावर उपलब्ध असलेली) परिधान करणे आवश्यक आहे. जे श्रद्धावान स्वतः प्रत्यक्ष हजर राहून आरती सेवा करतील, त्यांना प्रसाद धामावरच दिला जाईल, तर ‘श्रद्धावान सेवेचा’ लाभ घेणार्‍या श्रद्धावानांना सेवेचा प्रसाद घरपोच पाठविला जाईल (फक्त भारतात राहणार्‍यांसाठी).

ह्या आरती सेवेमध्ये नोंदणी करण्यासाठी लिंक खाली दिली आहे.

https://poojanarchanseva.shreemadpurushartha.com

वरील लिंकवर नोंदणी करताना, ‘श्रद्धावान सेवे’अंतर्गतदेखील नोंदणी करता येईल. आपल्या घरातील कोणत्याही मंगल प्रसंगाच्या निमित्ताने किंवा इतर वेळेसही श्रद्धावान ह्या आरती सेवेचा लाभ घेऊन आनंद साजरा करू शकतात.

----------------------------------------------------

श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धाम में शुरू होनेवाली आरती सेवा के सन्दर्भ में सूचना

सभी श्रद्धावानों को यह सूचित करने में खुशी हो रही है कि श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धाम में रविवार, दि. ११ अक्तूबर २०२६, यानी आश्विन महीने की अशुभनाशिनी नवरात्रि की घटस्थापना से श्री परांबा परमेश्वरी की "आरती सेवा" शुरू की जानेवाली है। श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धाम के गर्भगृह में हर रोज़ माध्याह्न पूजन के बाद एवं सायंपूजन के बाद,  ऐसे दो बार आरती की जाती है। हर दिन इनमें से किसी भी आरती के समय, एक श्रद्धावान अथवा एक श्रद्धावान दंपति इस पवित्र सेवा का लाभ उठा सकते हैं। जो एक ही दिन की दोनों आरती सेवाओं में सम्मिलित होना चाहते हैं, वे श्रद्धावान दोनों आरती सेवाओं का अलग-अलग बुकिंग भी कर सकते हैं। इस आरती सेवा के लिए ऑनलाईन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है और श्रद्धावान कहीं से भी आसानी से बुकिंग करके इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

चैत्र नवरात्रि अर्थात् शुभंकरा नवरात्रि के १५ दिन, आश्विन नवरात्रि अर्थात् अशुभनाशिनी नवरात्रि के १० दिन और त्रिपुरारि पूर्णिमा का दिन, ये दिन छोड़कर साल भर के अन्य दिनों के लिए इस सेवा का डोनेशन मूल्य रु. ११,०००/- (व्यक्तिगत अथवा दंपति के लिए) होगा; वहीं, उपरोक्त विशेष दिनों के लिए इस सेवा का डोनेशन मूल्य रु. २१,०००/- (व्यक्तिगत अथवा दंपति के लिए) होगा। यह आरती सेवा गर्भगृह में जाकर करने का अवसर प्राप्त होगा और उसके लिए पुरुषों ने सोवला (रेशमी धोती), उपरणे (उत्तरीय) तथा सफ़ेद शर्ट परिधान करना आवश्यक है; वहीं, स्त्रियों ने साड़ी, उत्तरीय तथा तुलसी की माला (श्रीपुरुषार्थ अनिरुद्ध धाम में उपलब्ध रहनेवाली) परिधान करना आवश्यक है। जो श्रद्धावान खुद प्रत्यक्ष उपस्थित रहकर आरती सेवा करेंगे, उन्हें प्रसाद धाम पर ही दिया जायेगा; वहीं, ‘श्रद्धावान सेवा’ विकल्प का चयन करनेवाले श्रद्धावानों को, सेवा का प्रसाद घर पर भेज दिया जायेगा (केवल भारत में रहनेवालों के लिए)।

इस आरती सेवा का बुकिंग करने के लिए लिंक आगे दी हुई है।

https://poojanarchanseva.shreemadpurushartha.com

इस लिंक पर बुकिंग करते समय, ‘श्रद्धावान सेवा’ के तहत भी बुकिंग कर सकते हैं। अपने घर के किसी मंगल अवसर के उपलक्ष्य में अथवा अन्य समय भी श्रद्धावान इस आरती सेवा का लाभ उठाकर आनंद मना सकते हैं।

----------------------------------------------------

Notice regarding commencement of the ‘Aarti Seva’ at Shreepurushartha Aniruddha Dham

It is with great joy that all Shraddhavans are informed that the ‘Aarti Seva’ of Shree Paramba Parameshwari will commence at Shreepurushartha Aniruddha Dham on Sunday, 11th October 2026 — that is, on the day of Ghatasthapana of the Ashubhanashini Navratri in the month of Ashwin.

At Shreepurushartha Aniruddha Dham, the Aarti is performed twice daily in the sanctum sanctorum — after the mid-day pujan and after the evening pujan. Each day, one Shraddhavan or one Shraddhavan couple may avail themselves of this sacred seva at either of these two Aartis. Shraddhavans who wish to participate in both Aarti Sevas on the same day may make separate bookings for both. Online booking is available for this Aarti Seva; thus, devotees can easily register from anywhere and receive the benefit of this seva.

The donation amount for this seva will be ₹11,000/- (for an individual or a couple) on all days of the year, except the 15 days of the Chaitra Navratri (i.e., Shubhankara Navratri), the 10 days of the Ashwin Navratri (i.e., Ashubhanashini Navratri) and the day of Tripurari Pournima; on these special days mentioned above, the donation amount for the seva will be ₹21,000/- (for an individual or a couple).

One will get the opportunity to perform this Aarti Seva inside the sanctum sanctorum, for which men must wear a sovale (सोवळे), an uparane (उपरणे) and a white shirt, while women must wear a saree, an uparane, and a Tulsi mala (available at Shreepurushartha Aniruddha Dham). The prasad of the seva will be given at the Dham itself to devotees who perform the Aarti Seva in person, while those availing the benefit of the ‘Shraddhavan Seva’ will have the prasad of the seva delivered to their home (only for those residing in India).

The link to register for this Aarti Seva is given below:

https://poojanarchanseva.shreemadpurushartha.com 

While registering through the above link, one may also register under the ‘Shraddhavan Seva’ option. Shraddhavans may avail themselves of this Aarti Seva and celebrate with joy on the occasion of any auspicious event in their home, or at any other time as well.