Lyrics of Yahi Nauva Nauva Anokha from album Pipasa 1 Hindi

यही नौवाँ नौवाँ अनोखा
यही नौवाँ नौवाँ अनोखा, सजीव बन गया पंढरी का पुतला ।
चक्र कमल छुपाके आया, साँवले रंग से चोर पकड़ा गया ॥
कमर पे रखे, हाथ उठाके, सामने इसने फैलाये ।
जो हँसा तो हँसी देखके, पहचाना इसे सन्तों ने ।।
सूर बाँसुरी, वेणु माधुरी, कहाँ रखी और कहाँ त्याग दी?
मुँह से इसके अभयस्वर निकला, घेर लिया इसे भक्तों ने ।
मोरपंख छुपाया कहाँ, रंगरंगीला खूब सलोना,
पर निमिष जो मिल गयीं नज़रें, भिगोया रंग में गोपों ने॥
पकड़ी जो ज़ंजीर हाथ में, बाँधनी है गले में किसके
ना हाथ में शस्त्र उठाऊँ, वचन ये अपना तोड़के।