Lyrics of Tum Bin Kaun Sahara from album Tum Bin Kaun Sahara

16. तुम बिन कौन सहारा
तुम बिन कौन सहारा बापू तुम बिन कौन सहारा
बापू मुझको भूल न जाना होऽऽ, बापू मुझको भूल न जाना
तुम बिन कौन सहारा ॥धृ॥
तुम्हरे क्रिपा की आस लगी है, उन्मन मन को प्यास लगी है
दुष्कर्मों का मैं इक मारा
तुम बिन कौन सहारा ॥१॥
ग्यान पान की डोर पकडके, सुधरे कोई कैसे?
तूही थामना हाथ ये मेरा
तुम बिन कौन सहारा ॥२॥
मेहेर नजर तू हम पर रखना, मेरे पापों को भूलाना
रूठ जाये तू अगर मसीहा
तुम बिन कौन सहारा ॥३॥
तुम बिन जीवन सूना सूना, घर भी सूना मन भी सूना
न्यौछावर ये जीवन तुम पर
तुम बिन कौन सहारा ॥४॥
तुम बिन कौन सहारा बापू तुम बिन कौन सहारा
बापू मुझको भूल न जाना होऽऽ, बापू मुझको भूल न जाना
तुम बिन कौन सहारा
कोरस- तुम बिन कौन सहारा बापू तुम बिन कौन सहारा (शेवटपर्यंत)