Sadguru Aniruddha Bapu

Lyrics of Shabari Ke Ber Jhoothe from album Pipasa 1 Hindi

Lyrics of Shabari Ke Ber Jhoothe from album Pipasa 1 Hindi

शबरी के बेर जूठे



शबरी के बेर जूठे, इसे ललचाये
लालची ये भक्तिप्रेम का, बिके कौडीमोल
छिलकें देती पारसवी जो, इसे बहुत भाते
राजगृह छोडके ये, रंगे गोकुल में
छोड सभी रंगों को बापु, बन गया साँवला
श्याम मेघ जो जीवन दे, बापु को है भाया
मोहे ये सभी को इसे, मोह लिया जिन्होंने
पिपा ढूँढे रे शबरी को, त्यागके अन्नपानी