Sadguru Aniruddha Bapu

Lyrics of Sab Soup Diya Hai from album Tum Bin Kaun Sahara

Lyrics of Sab Soup Diya Hai from album Tum Bin Kaun Sahara

17. सब सौंप दिया है



सब सौंप दिया है जीवनऽका अब भार तुम्हारे हाथों में
चाहे हार मिले या जीत मिले, उपहार तुम्हारे हाथों में ॥धृ॥

सब सौंप दिया है जीवनऽका अब भार तुम्हारे हाथों में

लाया था क्या, क्या था मेरा सबकुछ तेरा मैं भी तेरा
तेरा ही तुझको देता हूँ, बापू मैं तेरे हाथों में ॥१॥

सब सौंप दिया है जीवनऽका अब भार तुम्हारे हाथों में

तुम मालिक हो और दाता हो, तुम रक्षक मेरे स्वामी हो
मैं मूढमति, मैं मन्दमति, चरणों में तेरे आया हूँ
मैं द्वार पे तेरे आया हूँ, तू एक झलक दिखला बापू,
तू ठुकराए या अपनाए, इनकार करे, इकरार करे
अब हार मिले या जीत मिले, उपहार तुम्हारे हाथों में ॥२॥

सब सौंप दिया है जीवनऽका अब भार तुम्हारे हाथों में

जो प्रेम से लेवे उसका नाम, उसका पूरन हो सारा काम
सत् राह दिखा ए मेरे प्रभू, तुम्हरी बाहों में आया हूँ
सुख शांती का तू दाता है, हमको तू दिलसे भाता है
पावन करती तेरी एक झलक, तेरा नाम भी मनऽको सुहाता है,
प्रण करते है ए साईरूप, चाहे विष्णु राम या हो घनश्याम
हनुमत्‌सा हमको भक्त बना, मन तुम बस जाओ सांवलाराम ॥३॥

सब सौंप दिया है जीवनऽका अब भार तुम्हारे हाथों में