Lyrics of Saavle Re Ghanshyam from album Pipasa 1 Hindi

साँवले रे घनश्याम
साँवले रे घनश्याम। रखो ना ये दूरी ।
अनिरुद्ध अनिरुद्ध। यही साँसें मेरी ॥
प्राणों ने गुहार लगाई । फिर भी तुम न आये प्रभु ।
रो रहा है नन्हा तेरा। तुझे ढूँढ़ते हुए ॥
चाहे मिट्टी में मिल जाऊँ। या राख ही बन जाऊँ ।
कैवल्यसखा चाहे । एक ही पुकार॥
दे रहा हूँ कष्ट तुम्हें मैं। जानता हूँ मैं भी।
मन है के माने नहीं। पिपासा ये तेरी॥