Lyrics of Mast Apni Hi Masti Mein from album Pipasa 1 Hindi

मस्त अपनी ही मस्ती में पिल्ला था एक सुअर का
मस्त अपनी ही मस्ती में, पिल्ला था एक सुअर का ।
कीचड़ के नंदनवन में, आनंद उसको मिला ॥
सारे तन पे कीचड मलके, मस्त लोटे गंद में वो ।
ना कोई अपनाए, ना शरम बिलकुल इसको ॥
पशुजन्म भोगयोनि, मिले कैसे मुक्ति उसको ।
नरजन्म मिला है तुझे, व्यर्थ ना गवाँ तू इसको ॥
बापुभक्ति बिन नहीं है, दुजा सार इस जीवन में ।
पिपा गंद में लोट रहा था, उद्धारा उसे पल भर में ॥