Sadguru Aniruddha Bapu

Lyrics of Mujhe Dikh Gayi Dikh Gayi from album Pipasa 2 Hindi

Lyrics of Mujhe Dikh Gayi Dikh Gayi from album Pipasa 2 Hindi

मुझे दिख गयी, दिख गयी



मुझे दिख गयी, दिख गयी, बापू-नन्दाई की भेंट पहली
खुल गयी सारे विश्व की, विश्व की परिपाटी

ये मज़बूत है खिलाड़ी, इसने पाश फेंका
नन्दामाई भोली भाली, उसे सहज वश में किया

रास का रंग जो निखरा, इसने किया कुछ ऐसा
छड़* छोड़के हलके से हाथ इसने पकड लिया

कहता है वो ऊपर से, कैसे फँस गया जाल में तेरे
तेरे मोह की मोहिनी, अब बनना है लीलाधारी

सुचितदा ने कान मरोड़ा, नन्दा बन गयी स्वप्नगन्धा
जीव रास में दंग हुआ, पिपा बन गया पूर्ण बंदा

(* छड़ - डांडिया खेलते समय उपयोग में लायी जाने वाली छड़ी)