Lyrics of Koi Kahe Ram Ise from album Pipasa 2 Hindi

कोई कहे राम इसे
बापू रे ऽऽऽऽऽ, बापू रे ऽऽऽऽऽ
ए साँवला राजा मेरा मर्द अतुलित वीर है
इसकी छड़ * करती है वार दशदिशा तलवार, हो ऽऽऽऽऽ
हे जी रे ऽऽऽऽऽ, हे जी रे ऽऽऽऽऽ,
ए दौड़ रे दौड़ मनवा, ज़ोर से दौड़ ज़रा
खेल रहा है कान्हा फिर से खेल रहा है रास रे
हे ऽऽऽऽऽ
कोई कहे राम इसे कोई कहे श्याम
मेरे मन में तो अनिरुद्धराम
जहाँ खेले अनिरुद्ध
चन्द्रभागा वहाँ सिद्ध
भीमा नदी गाये एक ही नाम
रेत में भी वृन्दावन का
नाम से प्रकटन हुआ
इसके संग नाचना यही है आराम
छड़ों के ताल पे
देवता भी नाचना चाहे
इसकी छड़ को भक्तों की चाह
सुध बुध खो गयी
भक्तों में खुशी लहरायी
पत्थर में जगी साँवली प्यास
हवाओं पे बात फैली
यमुनाजी भी वहाँ आ गयी
कालिंदी की धारा में पिपा रचे रास
(* छड़ - डांडिया खेलते समय उपयोग में लायी जाने वाली छड़ी)