Lyrics of Jai Jai He Aniruddha Sadguru from album Ailatiri Pailatiri

15. जय जय हे
अनिरुद्ध सद्गुरुजय जय हे अनिरुद्ध सद्गुरु,
नित्यभवार्णवतापहरा
कलिमल कंटक बंधक बाधक।
ताडन खंडन कृष्ण तनू ।
राग नुराग अनुराग विराग।
शांत श्रांत गुण कृष्णदगा ॥
चिद् चित् चित्त निश्चिंत विचिंत।
चर चिंतन चारण कृष्णगुणा ।
सृष्टी दृष्टी पयवृष्टी समष्टी ।
गुणगायक रसकर कृष्णवृका ॥
अणिमा गरिमा महिमा लघुमा ।
चिर सिद्ध युगाजिन कृष्णतमा ।
कलकंद विकंद मुकुल मुचकुंद।
सुरवंद्य कलानिधी कृष्णरसा ॥
वर वरदायक वर्धनसर्जक।
वीर वीरासीन कृष्णवरा ॥
जय जय हे अनिरुद्धसद्गुरु,
नित्यभवार्णवतापहरा ।