Lyrics of Harivara Tu Sang Kaisa from album Ailatiri Pailatiri

2. हरिवरा तू सांग कैसा
हरिवरा तू सांग कैसा राहसी भक्ताघरी ।
सत्त्व तूचि, सत्य तूचि, कल्पना कल्पांतरी ॥
धन्य तेचि जीव होती, शरण जे नित अंतरी ।
कर्म तूचि, फलही तूचि, रम्यता रम्यांतरी ॥
अर्चना यव भक्तीकारी, झंखना लव निग्रही ।
देत तूचि, घेत तूचि, शर्वता शर्वांतरी ॥
जन्म माझा व्यर्थ ना हो, मृत्यु लागो सार्थकी ।
यज्ञ तूचि, हवन तूचि रुद्धता अनिरुद्धांतरी ॥
हरिवरा तू सांग कैसा राहसी भक्ताघरी ।
सत्व तूची, सत्य तूची, कल्पना कल्पांतरी