Lyrics of Bas Gam Ki Siyahi from album Goonj Uthi Pipasa - 1

11. बस गम की सियाही
बस गम की सियाही थी छाया था अन्धेरा
आया वो पिता मेरा जहाँ उसने सँवारा
एक धुँध सी छायी हुई
हर छाँव थी रूठी
थी ज़िंदगी मजबूरी
हर आस थी टूटी
उजडा था चमन खोया अमन छूटा सहारा
आया वो पिता मेरा जहाँ उसने सँवारा
मैं गलतियाँ दोहराता रहा
खाई में कूदा
दलदल को पाया सामने
फिर उसको पुकारा
मैला था मैं फिर भी मुझे बाहों में भर लिया
आया वो पिता मेरा जहाँ उसने सँवारा
अब हाथ ना छोडूँगा
कदम उसके थामकर
अंबज्ञ बनके कर दूँ
सब उसके नाम पर
हो नाथसंविध् से योगी होना है जो तेरा
आया वो पिता मेरा जहाँ उसने सँवारा