Lyrics of Badhte Hi Rehna - 1 from album Goonj Uthi Pipasa - 1

8. बढ़ते ही रहना
बढ़ते ही रहना मुझे है यहाँ
मेरे बापु संग मेरे मैं जहाँ हूँ वो वहाँ
कभी ऊँची कभी नीची
है ये जीवन की डगर
कभी खोना कभी पाना
कट जाता है सफ़र
बापू के बिना सूना ये जहाँ
तू है जैसा तुझे वैसा
अपनाते ही हैं वो
बिन चाहे कुछ तुझसे
सब देते ही हैं वो
हमराह कोई ऐसा है कहाँ
मैं था भटका भूला बिसरा
वे ही आये चलकर
मुझे अंबज्ञ बनाके
रखा भक्तिपथ पर
योगी की ज़मीं से मिला आसमाँ