Sadguru Aniruddha Bapu

Lyrics of Aniruddha Ke Charan Sparsh Se from album Pipasa 2 Hindi

Lyrics of Aniruddha Ke Charan Sparsh Se from album Pipasa 2 Hindi

अनिरुद्ध के चरणस्पर्श से



अनिरुद्ध के चरणस्पर्श से देह पावन हुआ
बापु रे बाँधे रख चरणों में ॥

सन्तजन तो भजते तुझको
मैं भिख़ारी बेचूँ खुद को
तेरे प्यार में बिक गया जो
वही रहा इक जग में ॥

पीके ज़हर भी जीवित मीरा
रौंदके बालक कुम्हार गोरा
तेरे प्यार में मरने जो तत्पर
वही जिया इक जग में ॥

यही गाँठ बाँधे अपने मन में
निकल पड़ा मैं जीवन पथ पे
तेरे प्रेम से तू ही सारथी
बैठा पिपा रथ में ॥