Lyrics of Aniruddha Hridayse from album Tum Bin Kaun Sahara

13. अनिरूध्द हृदय से उठकर
अनिरूध्द हृदय से उठकर तोरा नाम जुबां पे आया
कही भटक न जाऊं इन राहों पर
कुछ जानूं ना कुछ समझूं ना ॥धृ॥
नैनन मेरे सांज सवेरे देखे लाखों सपनें
छलतें हैं दुख इन बातों के
दिल मुरझे ना, कहीं हारे ना ॥१॥
द्वार पे उस मैं कैसे आऊंऽ जो न कभी अपनाया
भक्ति नहीं की किसी जनम में
ध्यान किया ना, मैंने नाम लिया ना
मैंने ध्यान किया ना, मैंने नाम लिया ना ॥२॥
बापू मेरे सारा जीवन तेरे नाम किया है
सच हो सपनें मोड मोड पर
दिल टूटे ना, दुख पाए ना ॥३॥
कही भटक न जाऊं इन राहों पर
कुछ जानूं ना कुछ समझूं ना (शेवटपर्यंत)