Lyrics of Aisa Maali Na Dekha - 1 from album Goonj Uthi Pipasa - 1

6. ऐसा माली ना देखा
ऐसा माली ना देखा कहीं
सबकी बगिया महकाता है
सब काँटें उसको देते हैं
वो फूल खिलाता रहता है
सब अमृत को ललचाते हैं
विष को बस वही पचाता है
मर मिट चुके मेरे मन को
रस भरकर वो ही नचाता है
सद्गुरु से सब कुछ चाहते हैं
वो किसी से कुछ नहीं चाहता है
योगी बस दुखड़ा रोता रहा
बापु की कब कौन सुनता है